Search
Close this search box.

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर बलिया में बड़ी कार्रवाई, 20 बच्चों को बाल मजदूरी से कराया गया मुक्त

बलिया । विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए कार्यरत नव भारतीय नारी विकास समिति, बहेरी (बलिया) ने पुलिस और प्रशासन के सहयोग से जिले में विशेष अभियान चलाकर 20 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया। यह अभियान राज्य सरकार द्वारा जून माह को ‘बाल श्रम विरोधी एक्शन मंथ’ के रूप में मनाने संबंधी निर्देशों के तहत संचालित किया गया।

मुक्त कराए गए बच्चों की उम्र 16 से 17 वर्ष के बीच है। ये बच्चे विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कई महीनों से कार्यरत थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उनसे अत्यंत शोषणकारी और असुरक्षित परिस्थितियों में लंबे समय तक काम कराया जा रहा था, जिससे उनके स्वास्थ्य और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।

बच्चों के मुक्त होने के बाद संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही, बच्चों के पुनर्वास, मुआवजा और अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जारी है।

नव भारतीय नारी विकास समिति ने जिले में बाल श्रम के खिलाफ जनजागरूकता अभियान भी चलाया, जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, सामुदायिक नेताओं और ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

संस्था के निदेशक अजहर अली ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के बचपन, शिक्षा और मूल अधिकारों का हनन करता है। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्थान ढाबों और फैक्ट्रियों में नहीं, बल्कि विद्यालयों में है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर बाल तस्करी एवं बाल मजदूरी के खिलाफ लगातार अभियान चलाने तथा प्रत्येक मुक्त कराए गए बच्चे के समुचित पुनर्वास को सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया।

गौरतलब है कि जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) नेटवर्क के सहयोग से अप्रैल 2023 से मार्च 2026 के बीच देशभर में 1.45 लाख से अधिक बच्चों को ट्रैफिकिंग और बाल श्रम के चंगुल से मुक्त कराया जा चुका है।

संजय सिंह रिपोर्टिंग बलिया।

Leave a Comment

और पढ़ें