बिहार के सिवान जिले के बभनबारा गांव निवासी पूर्व मुखिया, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार विनोद कुशवाहा का शव गाजीपुर के रजवाड़ी-औड़ियार रेलवे ट्रैक के किनारे एक पेड़ से लटका हुआ मिलने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना की जांच बिहार पुलिस और गाजीपुर पुलिस अपने-अपने स्तर पर कर रही है। जहां गाजीपुर पुलिस प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या का मामला बता रही है, वहीं कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने इस निष्कर्ष पर सवाल उठाए हैं।
सम्यक युवा मंच के केंद्रीय संयोजक अखिलेश मौर्य ने कहा कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध विनोद कुशवाहा के अनेक वीडियो उन्हें एक निर्भीक, निडर और जनसरोकार के मुद्दों को उठाने वाले निष्पक्ष पत्रकार के रूप में प्रस्तुत करते हैं। उनका कहना है कि ऐसे संघर्षशील व्यक्ति की मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, इसलिए सभी पहलुओं की गहन जांच आवश्यक है। उन्होंने आशंका जताई कि हत्या को आत्महत्या का रूप देने की साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
अखिलेश मौर्य ने गाजीपुर पुलिस से मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और वैज्ञानिक जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सत्य सामने लाया जाए तथा यदि किसी की संलिप्तता मिले तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि दिवंगत विनोद कुशवाहा को न्याय मिल सके।
रिपोर्टिंग गाजीपुर उमेश यादव।







