वाराणसी । जनपद के वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट के संगीत विभाग (गायन एवं वादन) द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय सांगीतिक कार्यशाला का सफल समापन गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यशाला का विषय “उपशास्त्रीय संगीत शैली : पूरब अंग” रहा, जिसमें छात्राओं को ठुमरी, दादरा, कजरी, चैती और होरी जैसी पारंपरिक शैलियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

समापन समारोह की मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. मंगला कपूर ने भारतीय शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा, गुरु-शिष्य संबंध और नियमित रियाज़ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला की विषय विशेषज्ञ प्रो. संगीता पंडित, संकाय प्रमुख एवं गायन विभागाध्यक्ष, संगीत एवं मंच कला संकाय, बीएचयू ने पूरब अंग की गायकी की बारीकियों, भावाभिव्यक्ति और प्रस्तुति शैली का विस्तृत प्रशिक्षण दिया।
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. अलका सिंह ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएँ नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थियों के कौशल विकास और भारतीय ज्ञान परंपरा को सशक्त बनाती हैं। कार्यक्रम में शिक्षक, शोधार्थी, छात्राएँ और संगीत प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

संचालन डॉ. अमृत मिश्रा ने, धन्यवाद ज्ञापन प्रो. संजय कुमार वर्मा ने तथा पाँच दिवसीय कार्यशाला की रिपोर्ट डॉ. जया शाही ने प्रस्तुत की। प्रमाणपत्र वितरण का दायित्व हनुमान प्रसाद गुप्ता ने निभाया।
ब्यूरो चन्दौली संजय शर्मा।









