वाराणसी । संयुक्त ट्रेड यूनियन आयोजन समिति, वाराणसी की ओर से मजदूरों, किसानों एवं मेहनतकश जनता की समस्याओं और सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। समिति ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से श्रमिकों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, पेंशनरों तथा गरीब वर्गों के हित में तत्काल कदम उठाने की मांग की।
ज्ञापन में ट्रेड यूनियन बनाने और सामूहिक सौदेबाजी के अधिकार की गारंटी, महंगाई भत्ते से संबद्ध न्यूनतम 42 हजार रुपये मासिक मजदूरी लागू करने तथा सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों और बीमा कंपनियों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की गई। असंगठित एवं गिग श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा और बेरोजगार युवाओं के लिए स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
समिति ने श्रम संहिताओं को निरस्त कर आठ घंटे का कार्यदिवस, कार्यस्थल सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा एवं हड़ताल के अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की। किसानों के लिए C2+50 प्रतिशत के आधार पर एमएसपी और खरीद की गारंटी, व्यापक ऋणमाफी तथा कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की मांग रखी गई।
इसके अलावा पुरानी पेंशन बहाली, EPS-95 में वृद्धि, आंगनबाड़ी, आशा एवं मिड-डे-मील कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा, बिजली के निजीकरण पर रोक और मनरेगा में 200 दिनों के काम की मांग भी शामिल रही। समिति ने ज्ञापन को केंद्र व प्रदेश सरकार तक भेजकर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की मांग की।






