वाराणसी । जनपद के उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रदेशव्यापी ‘साइबर वज्र (Cy-Vazra)’ अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना, कमिश्नरेट वाराणसी ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 8 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, ₹68,275 नकद, सट्टेबाजी से जुड़ी पर्चियां, हिसाब-किताब तथा महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर डीसीपी अपराध नीतू कादयान, एडीसीपी अपराध नृपेन्द्र तथा एसीपी साइबर क्राइम विनय द्विवेदी के पर्यवेक्षण में की गई।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए चल रहा था सट्टे का कारोबार
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ‘भाग्यलक्ष्मी’ नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सट्टेबाजी संचालित कर रहा था। आरोपी ग्राहकों को वेबसाइट का लिंक उपलब्ध कराकर नकद व ऑनलाइन भुगतान के जरिए अंक आधारित सट्टा खिलाते थे। व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से खिलाड़ियों से संपर्क बनाए रखा जाता था। प्रारंभिक जांच में मोबाइल फोन से चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग, भुगतान विवरण और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह वेबसाइट संचालकों की मदद से परिणामों में हेरफेर कर अधिकांश खिलाड़ियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाता था।
मुकदमा दर्ज, नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 31/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक जुआ अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। बरामद डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस अन्य सदस्यों, वित्तीय लाभार्थियों और तकनीकी सहयोगियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई करेगी।
साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन सट्टेबाजी और संदिग्ध बेटिंग लिंक से दूर रहने तथा साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।






