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बलिया में चन्द्रशेखर जन्म शताब्दी समारोह की शुरुआत, संगोष्ठी आयोजित, विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर उठीं महत्वपूर्ण मांगें

बलिया । 17 अप्रैल 2026, शुक्रवार को प्रातः 10:30 बजे अखिल भारतीय विश्वविद्यालय सम्बद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (एआईएफयूसीटीओ), कबीरम् समाज एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय, बलिया पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर जी की 100वीं जयंती वर्षगांठ पर जन्म शताब्दी समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह को गुलाब का पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया तथा सभी के कल्याण की कामना की गई।

वरिष्ठ अधिवक्ता रामजी ठाकुर ने डॉ. राम मनोहर लोहिया के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि चन्द्रशेखर जी सादगी, सिद्धांत और जनसेवा की राजनीति के प्रतीक थे, जिनकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। प्रो. सन्तोष प्रसाद गुप्त ने बताया कि चन्द्रशेखर जी ने 6 जनवरी 1983 को कन्याकुमारी से भारत यात्रा शुरू की, जो 5 माह 20 दिन बाद राजघाट, दिल्ली में समाप्त हुई। यह यात्रा देश की आत्मा को समझने का प्रयास थी।

उन्होंने जन्मतिथि के संदर्भ में बताया कि विभिन्न मतों के बाद ज्योतिषीय गणना से 17 अप्रैल 1927 को, जो हनुमान जयंती का दिन था, उनकी जन्मतिथि तय हुई। इसके बाद कर्नाटक और हरियाणा में जन्मदिन मनाने की परंपरा शुरू हुई, जो उनके निधन के बाद भी जारी है।

कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्ट्रेट स्थित चन्द्रशेखर उद्यान में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय में संगोष्ठी आयोजित हुई। साथ ही पुरानी पेंशन बहाली, शोधवृत्ति वृद्धि और सार्वजनिक वितरण प्रणाली सुदृढ़ करने सहित कई मांगें उठाई गईं। कार्यक्रम में अनेक शिक्षाविद, समाजसेवी और पत्रकार उपस्थित रहे।

संजय सिंह रिपोर्टिंग बलिया।

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