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अस्थि कलश, बोधि वृक्ष और बुद्ध प्रतिमा को न हटाने की मांग, अंबेडकर महासभा परिसर में हुआ श्रद्धांजलि एवं वंदना कार्यक्रम

लखनऊ । जनपद के 10 विधानसभा मार्ग स्थित अंबेडकर महासभा प्रांगण में स्थापित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अस्थि कलश, भगवान बुद्ध की प्रतिमा, बोधि वृक्ष एवं धम्म चक्र को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने की आशंकाओं के बीच मंगलवार को “डॉ. अंबेडकर अस्थि कलश बचाओ संघर्ष मोर्चा” के आह्वान पर शांतिपूर्ण पूजा-वंदना कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों बुद्ध एवं अंबेडकर अनुयायियों ने भाग लेकर इन धरोहरों को यथास्थान संरक्षित रखने की मांग उठाई।

मोर्चा के संयोजक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री के.के. गौतम ने कहा कि यह स्थल ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल 1991 को डॉ. सविता अंबेडकर द्वारा यहां बाबा साहब का अस्थि कलश स्थापित किया गया था, जबकि 1993 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति के.आर. नारायणन ने बोधि वृक्ष तथा 2017 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने धम्म चक्र स्तंभ की स्थापना की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री से इस स्थल को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में विकसित कर भव्य स्मारक बनाने की मांग की।

मोर्चा के सदस्यों ने आरोप लगाया कि 14 अप्रैल 2026 को आयोजित कार्यक्रम में एक एमएलसी द्वारा इन प्रतीकों को ऐशबाग स्थित नव निर्मित अंबेडकर ट्रस्ट परिसर में स्थानांतरित करने संबंधी बयान दिए जाने के बाद बहुजन समाज में व्यापक आक्रोश व्याप्त है।

संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस ऐतिहासिक स्थल से किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई तो देशभर का बहुजन समाज व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा। उन्होंने सरकार से संविधान के प्रावधानों के अनुरूप इस स्थल को संरक्षित एवं विकसित करने की मांग दोहराई।

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