वाराणसी । काशी को कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में देश का रोल मॉडल बनाने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए हैं। स्मार्ट सिटी और स्वच्छ भारत मिशन के तहत कचरे से ऊर्जा, जैविक खाद और चारकोल बनाने की आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को केंद्रीय टीम ने शहर के प्रमुख कचरा प्रसंस्करण संयंत्रों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया।

शहरी आवासन एवं कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्रीनिवास कटिकिथला ने केंद्रीय संयुक्त सचिव रूपा मिश्रा के साथ करसड़ा स्थित वेस्ट टू कंपोस्ट प्लांट और रमना स्थित वेस्ट टू चारकोल प्लांट का निरीक्षण किया। वाराणसी पहुंचने पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।

करसड़ा प्लांट में ईस्टर्न ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर्स के प्रतिनिधियों ने कचरा प्रसंस्करण और जैविक खाद निर्माण की प्रक्रिया का प्रस्तुतीकरण दिया। सचिव ने वर्षों से जमा लिगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की जानकारी लेते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

इसके बाद रमना प्लांट में कचरे से चारकोल बनाने की तकनीक, क्षमता और उत्पादन की जानकारी ली गई। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिकारियों ने परिसर में पौधरोपण भी किया।








