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विन्ध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध में किसानों का आंदोलन तेज, परियोजना निरस्त करने की उठी मांग

मिर्जापुर । उत्तर प्रदेश सरकार की प्रस्तावित विन्ध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना के खिलाफ मीरजापुर में विरोध तेज हो गया है। जन संघर्ष समिति ने इसे विकास की आड़ में किसानों, पर्यावरण और कृषि भूमि के लिए विनाशकारी बताते हुए प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री समेत केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित विभागों को ज्ञापन भेजकर परियोजना निरस्त करने की मांग की है।

समिति का कहना है कि प्रयागराज से सोनभद्र तक पहले से सड़क मार्ग उपलब्ध है, ऐसे में 330 किलोमीटर लंबे नए एक्सप्रेस-वे की आवश्यकता स्पष्ट नहीं है। उनका तर्क है कि मौजूदा सड़कों का चौड़ीकरण अधिक व्यावहारिक और कम खर्चीला विकल्प हो सकता है। समिति ने आरोप लगाया कि परियोजना से हजारों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण होगा, जिससे किसान भूमिहीन और बेरोजगार हो जाएंगे तथा खाद्य उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।

ज्ञापन में करीब 22 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर भी सवाल उठाते हुए कहा गया कि यही धन सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण सड़क और रोजगार सृजन पर खर्च किया जाए तो अधिक जनहितकारी होगा। पर्यावरणीय नुकसान, पेड़ों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन को लेकर भी चिंता जताई गई।

समिति ने चुनार तहसील के अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित 44 गांवों की सूची भी ज्ञापन के साथ संलग्न की है। संरक्षक रमेश सिंह, राम सिंह बागीश सहित पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन किसानों, पर्यावरण और जनहित की रक्षा के लिए जारी रहेगा।

रिपोर्टिंग बसंत कुमार गुप्ता।

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