वाराणसी । स्वच्छ और सुंदर काशी की परिकल्पना को साकार करने के लिए नगर निगम अब अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रह करने वाले वाहनों में कैमरे लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से कूड़ा उठान, गलियों की सफाई, सड़कों के गड्ढों तथा दिन में जलने वाली स्ट्रीट लाइटों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी पायलट परियोजना की शुरुआत पांच वार्डों से की जा रही है।

कचहरी स्थित सर्किट हाउस सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने नगर निगम, जलकल और जल निगम के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर के 386 छोटे-बड़े नालों में से लगभग 80 प्रतिशत की सफाई पूरी हो चुकी है। इस वर्ष नालों की सफाई की निगरानी पहली बार ड्रोन कैमरों के माध्यम से कराई गई है।

बैठक में जानकारी दी गई कि रामनगर और सूजाबाद समेत 22 वार्डों में सीवर नेटवर्क को मजबूत करने और शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रथम चरण में पांच वार्डों में काम शुरू हो चुका है, जिसे दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
शहर के सुंदरीकरण के तहत कंचनपुर और सारंग तालाब क्षेत्रों में मियावाकी वन विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा 10 नए थीम पार्कों के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पार्कों के रखरखाव के लिए 110 नए मालियों की नियुक्ति की गई है तथा नगर निगम अपनी नर्सरी भी विकसित कर रहा है। मानसून के दौरान जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई टीम के गठन का भी निर्णय लिया गया है।








