वाराणसी । जनपद में संचालित “मलेरिया माह जून” अभियान के तहत मलेरिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम, शीघ्र पहचान और जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में विकासखंड सेवापुरी के ग्राम पंचायत देईपुर बड़ोरा स्थित पंचायत भवन में शनिवार को विशेष फीवर कैंप का आयोजन किया गया।

कैंप के दौरान बुखार से प्रभावित एवं संदिग्ध व्यक्तियों की रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) किट से मलेरिया जांच की गई। कुल 24 लोगों की जांच की गई, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र में मलेरिया की स्थिति का आकलन करते हुए निगरानी गतिविधियां भी संचालित कीं।
स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को मलेरिया से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए बताया कि यह बीमारी संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। उन्होंने घरों और आसपास जलभराव न होने देने, मच्छरदानी का उपयोग करने, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने तथा बुखार होने पर तत्काल जांच कराने की सलाह दी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि मलेरिया नियंत्रण एवं उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। वहीं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. शरद चन्द पाण्डेय ने कहा कि मलेरिया उन्मूलन में समुदाय की सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया कि मलेरिया माह जून के दौरान फीवर सर्वे, जांच, जनजागरूकता एवं रोग नियंत्रण गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। कार्यक्रम में मलेरिया निरीक्षक शिवम मिश्रा, संतोष कुमार, ज्ञानेन्द्र कुमार, प्रदीप कुमार सरोज, चिंता उपाध्याय सहित आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।







