गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से संचालित गो-सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत 27 जुलाई 2026 को देशभर के सभी जिलों से जिलाधिकारियों के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संबंधित राज्यपाल एवं मुख्यमंत्रियों के नाम हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र एवं ज्ञापन सौंपे गए।
अभियान के तहत गोहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून, गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान, गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, केंद्रीय गो-चारा नीति बनाने तथा कृषि, चिकित्सा, पर्यावरण एवं शिक्षा को गो-केंद्रित राष्ट्रीय नीति से जोड़ने सहित 30 से अधिक मांगें सरकार के समक्ष रखी गईं।
अभियान के प्रथम चरण में 27 अप्रैल 2026 को लगभग 5,000 तहसीलों से 5 करोड़ से अधिक हस्ताक्षर सरकार को सौंपे गए थे। अपेक्षित निर्णय न होने पर दूसरे चरण में 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित अनुस्मारक प्रार्थना-पत्र सौंपे गए। जनपद वाराणमी से लगभग 5.5 लाख नागरिकों के हस्ताक्षर भी प्रेषित किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ गोमाता पूजन, शंखनाद एवं सामूहिक मंत्रजप से हुआ। इसके बाद शांतिपूर्ण प्रार्थना-यात्रा जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची, जहां संतों, सामाजिक-धार्मिक संगठनों एवं गणमान्य नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा। अभियान प्रतिनिधियों ने इसे शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक आंदोलन बताते हुए मांगें पूरी होने तक अभियान जारी रखने की बात कही।









