लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूली शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के छात्र कक्षा 9 से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों की पढ़ाई कर सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह पहल छात्रों को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
शनिवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में NELCO के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत प्रदेश के 600 राजकीय माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अत्याधुनिक “ड्रीम लैब” स्थापित की जाएंगी। इन लैब्स के माध्यम से विद्यार्थियों को AI, रोबोटिक्स और इंडस्ट्री 4.0 से जुड़ी नई तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी भी मौजूद रहीं।
पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि यह पहल केवल एक शैक्षिक परियोजना नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा निवेश है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती औद्योगिक और तकनीकी जरूरतों को देखते हुए छात्रों को नई तकनीकों से जोड़ना समय की मांग बन चुका है।
सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा का समान अवसर मिलेगा और वे आने वाले समय में डिजिटल एवं तकनीकी क्षेत्रों में बेहतर करियर बना सकेंगे।








