सोनभद्र: स्थानीय कस्बे और आसपास के ग्रामीण अंचलों में मुहर्रम का जुलूस बड़े शानदार और अनुशासित अंदाज में निकाला गया। इस दौरान बड़ी ताजिया और सीपड़ के साथ जुलूस में धार्मिक उत्साह और मातमी माहौल देखने को मिला।

कस्बे के साईं चौक, जुगनू चौक, दर्जी मुहाल, रामनगर, कलकल्ली बहरा, डूमरडीहा, खजूरी, मल्देवा, पिपराही और कठौतवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों से आए अखाड़ों ने अपने अलम (धार्मिक झंडे) के साथ जुलूस में भाग लिया।
भोर में करीब 4 बजे दुद्धी चौक पर सभी अखाड़ों का एकत्रीकरण हुआ, जहां युवाओं ने अपने उस्तादों की देखरेख में लाठी-डंडा, बनेठी, रिबन जैसी पारंपरिक युद्ध कलाओं का बेहतरीन प्रदर्शन किया। ढोल-ताशों और नारों की गूंज से पूरा नगर गमगीन माहौल में भी जोश से भर उठा।
इसके बाद साईं चौक पर अलम मिलान कराया गया, जहां विभिन्न क्षेत्रों से आए झंडों को एक स्थान पर इकट्ठा किया गया और फातिहा के बाद जुलूस अपने निर्धारित मार्ग के लिए रवाना हुआ।
शाम को निकले विशाल जुलूस में महिलाएं, पुरुष और बच्चे हजारों की संख्या में शामिल हुए। धार्मिक नारों और युद्ध कौशल का प्रदर्शन देख उपस्थित जनसमूह आश्चर्यचकित रह गया।
अंत में सभी ताजिया को कर्बला मैदान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। आयोजन के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले युवाओं को सम्मानित भी किया गया। पूरे कार्यक्रम की मॉनिटरिंग अखाड़ा सदर फतेह मुहम्मद खान और जामा मस्जिद के सदर कल्लन खाँ के नेतृत्व में हुई।
सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मौके पर एडिशनल एसपी त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, एसडीएम निखिल यादव, सीओ राजेश कुमार राय, प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह के साथ पीएसी और कई थानों की फोर्स मुस्तैद रही।







