गाजीपुर: विदेश में कमाने गया अर्जुन यादव अब इस दुनिया में नहीं रहा। जंगीपुर थाना क्षेत्र के बघोल गांव निवासी अर्जुन यादव का शव 17 जुलाई को सऊदी अरब से लौटकर गांव पहुंचा, तो पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया। शव के पहुंचते ही जनसैलाब उमड़ पड़ा और हर आंख नम हो गई।

जानकारी के अनुसार, अर्जुन यादव अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए सऊदी अरब में नौकरी कर रहे थे। कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत खराब हो गई, लेकिन वहां समुचित इलाज न मिल पाने के कारण 30 अप्रैल 2025 को उनका निधन हो गया। अर्जुन यादव के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं—आयुषी (18 वर्ष), आयुष (10 वर्ष) और पीयूष (6 वर्ष)।

जब उनके निधन की सूचना परिवार को मिली तो घर में कोहराम मच गया। अर्जुन के भाई पंकज यादव ने तत्काल जिलाधिकारी गाजीपुर और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
बाद में पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामनारायण यादव, सांसद अफजाल अंसारी, सांसद सनातन पांडे, सांसद राजीव राय, स्वतंत्र पत्रकार व यूट्यूबर ब्रज भूषण दुबे के सहयोग से प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और राष्ट्रपति को पत्र भेजा गया।
सरकार के संज्ञान में आने के बाद भारतीय दूतावास ने कार्यवाही करते हुए सूचित किया कि 17 जुलाई को मृतक अर्जुन यादव का पार्थिव शरीर लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर लाया जाएगा।
भाई पंकज यादव के साथ सपा नेता संतोष यादव, रामनारायण यादव, ब्रज भूषण दुबे, अच्छे लाल यादव और वंशराज यादव ने एयरपोर्ट से शव को रिसीव किया। फिर सपा नेता संतोष यादव ने निजी एम्बुलेंस के माध्यम से पार्थिव शरीर को गांव तक भिजवाया। गांव पहुंचते ही अर्जुन यादव के अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
ग्रामीणों ने सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, बच्चों की शिक्षा और भरण-पोषण की व्यवस्था तथा विदेश में काम कर रहे मजदूरों के लिए समुचित स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।









