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वाराणसी: सावन के दूसरे सोमवार को बाबा विश्वनाथ मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

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वाराणसी: सावन के दूसरे सोमवार को काशी नगरी शिवभक्ति में सराबोर नजर आई। देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु वाराणसी पहुंचे और बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए लंबी कतारों में लगे रहे। अलसुबह से ही गंगा घाटों पर स्नान और पूजा के बाद कांवड़िए गंगाजल लेकर “हर हर महादेव” के जयकारों के साथ बाबा दरबार की ओर रवाना हुए।

बाबा विश्वनाथ मंदिर परिसर और गलियों में भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। भक्तों ने गंगा जल से शिवलिंग का अभिषेक कर मनोकामनाएं मांगीं। मंदिर परिसर शिवभक्ति के रंग में रंगा रहा, चारों ओर शिव भजनों और घंटियों की ध्वनि गूंजती रही।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर क्षेत्र में ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही थी, साथ ही भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। जलदायी पाइपलाइन, प्राथमिक चिकित्सा और पेयजल की व्यवस्था भी की गई थी।

भीषण गर्मी और भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। सावन की आस्था और भक्ति ने काशी को एक बार फिर शिवमय बना दिया।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।