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वाराणसी में सुंदरीकरण योजना के तहत 40 दुकानों पर चला बुलडोजर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में होगा पुनर्वास

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वाराणसी: नगर निगम और स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर के ऐतिहासिक मैदागिन क्षेत्र में सुंदरीकरण अभियान तेज हो गया है। रविवार रात नगर निगम द्वारा मैदागिन चौराहा से कोतवाली थाने तक की कुल 40 दुकानों को हटाया गया। पहले ही 12 दुकानदार अपनी दुकानें खाली कर चुके थे, जबकि शेष 40 दुकानों को अब प्रशासन द्वारा हटाया गया है।

प्रशासन की ओर से दुकानदारों को पहले से ही शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट होने के लिए नोटिस दिया गया था और सामान हटाने का अल्टीमेटम भी जारी किया गया था। रविवार रात नगर निगम की टीम ने इन दुकानों को हटाने की कार्रवाई पूरी की।

टाउन हॉल पटरी व्यवसायी संघ के प्रमोद जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि “नगर निगम व स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इस क्षेत्र में सौंदर्यीकरण कार्य होना है। इसी कारण यहां की कुल 52 दुकानों को हटाया जा रहा है, जिनमें से 12 दुकानें पहले ही खाली की जा चुकी थीं।”

स्थानीय दुकानदारों ने जहां विकास कार्यों को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है, वहीं कुछ ने अपने रोजगार के प्रभावित होने पर चिंता जताई है। प्रशासन की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि प्रभावित दुकानदारों को जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में स्थानांतरित किया जाएगा।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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