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चंदौली में जिम संचालक अरविंद यादव की सरेशाम गोली मारकर हत्या, बाइक सवार 8 शूटरों ने दिया वारदात को अंजाम

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चंदौली: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सोमवार शाम एक जिम संचालक की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान अरविंद यादव के रूप में हुई है, जो इलाके में एक फिटनेस सेंटर चलाते थे। घटना उस वक्त हुई जब बदमाशों ने उन्हें घर से बाहर बुलाकर ताबड़तोड़ 6 से ज्यादा गोलियां मारीं। हमले के दौरान आरोपियों ने दहशत फैलाने के लिए अरविंद की गाड़ी पर भी फायरिंग की।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बाइक सवार करीब 8 शूटर जिम संचालक अरविंद यादव के घर के पास पहुंचे। पहले से रेकी कर रहे बदमाशों ने उन्हें बाहर बुलाया और घात लगाकर हमला किया। घटनास्थल पर ही अरविंद की मौत हो गई। फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई, लोग दहशत में घरों में कैद हो गए।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज खंगालने और आसपास पूछताछ करने में जुट गई है। फिलहाल शूटर फरार हैं और पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

क्षेत्र में तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई

हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

हत्या की वजह क्या?

हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, पेशेवर दुश्मनी या आपराधिक गिरोहों की भूमिका की भी आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है। जिम संचालक अरविंद यादव की लोकप्रियता को देखते हुए मामला और भी संवेदनशील हो गया है।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।