वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से पूर्वांचल को 2200 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। सेवापुरी के बनौली गांव स्थित जनसभा स्थल से उन्होंने 52 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने देश के 9.70 करोड़ किसानों के लिए “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि” की 20वीं किस्त जारी की, जिसमें वाराणसी के 2.21 लाख किसान भी लाभान्वित हुए।
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “सावन के पावन पर्व पर आज मुझे काशीवासियों से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मैं काशी के हर परिवार को प्रणाम करता हूँ। महादेव के आशीर्वाद से काशी में विकास की अविरल धारा मां गंगा के साथ बह रही है।”
उन्होंने कहा कि सावन का महीना, काशी जैसी पवित्र भूमि और देश के किसानों से संवाद करने का अवसर, इससे बड़ा सौभाग्य कुछ और नहीं हो सकता।
प्रधानमंत्री मोदी ने जनसभा के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए भावुक होकर कहा कि “22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी गई थी। तब मैंने बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की थी कि पीड़ित परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति मिले। मैंने अपनी बेटियों के सिंदूर का बदला लेने का वचन दिया था, और वह आज महादेव की कृपा से पूरा हुआ। मैं इस ऑपरेशन की सफलता बाबा विश्वनाथ के चरणों में समर्पित करता हूं।”
उन्होंने सावन के पहले सोमवार की चर्चा करते हुए कहा कि “जब हमारे यादव बंधु बाबा गौरीकदारेश्वर का जलाभिषेक करते हैं, वह दृश्य अत्यंत मनोरम होता है। यह हमारे सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है।”
प्रधानमंत्री ने स्वदेशी अपनाने का आह्वान करते हुए कहा, “अब हमें हर चीज़ में स्वदेशी को प्राथमिकता देनी होगी। आने वाला समय तभी सुनहरा होगा जब हर बात में स्वदेशी का भाव होगा।”
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा, “ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद प्रधानमंत्री का काशी आगमन गौरव का क्षण है। आज उत्तर प्रदेश का चौमुखी विकास प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा और मार्गदर्शन से ही संभव हो रहा है।”









