गाजीपुर: जिला गाजीपुर के नोनहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत शक्करपुर ग्रामसभा के ग्रामीणों ने रेल मंत्रालय से जनहित में रेलवे अंडरपास निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि रेल लाइन के कारण उन्हें एक किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए चार किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
शक्करपुर गांव के पास स्थित रेलवे लाइन औंडिहार–छपरा रेलखंड के अंतर्गत आती है, जो गाजीपुर सिटी से शाहबाजकुली रेलवे स्टेशन के बीच स्थित है। यहां प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल भी है, जिससे नगवां, नवापुरा, पक्का इनार और सदिकापुर जैसे आस-पास के गांवों के दर्जनों बच्चे रोज़ाना स्कूल आने-जाने को विवश हैं। रेल लाइन पर अंडरपास या डगरा (पैदल पार पथ) न होने से दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है।
इसके अलावा गांव के समीप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और मातृशिशु केंद्र भी स्थित हैं, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों का रोज़ आवागमन रहता है। गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को गांव की सकरी गलियों और लंबी दूरी के चलते वाहन नहीं मिल पाते, और यदि मिलते भी हैं तो वाहन चालक मनमाना किराया वसूलते हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रेलवे अधिकारियों ने रेल लाइन के दोहरीकरण के समय अंडरपास बनाने का मौखिक वादा किया था, लेकिन अब उससे पल्ला झाड़ लिया गया है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पिछले दो दशकों से वे अंडरपास की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
किसानी ही मुख्य जीविका होने के कारण ग्रामीण ज्यादा आर्थिक भार नहीं उठा सकते। अंडरपास न होने की वजह से लोगों को हाट-बाजार, ब्लॉक मुख्यालय और अस्पताल तक पहुँचने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने रेलवे मंत्रालय औ र संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से अपील की है कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द रेलवे अंडरपास का निर्माण कराया जाए।









