वाराणसी: विकासखंड चिरईगांव के अंतर्गत ग्राम सभा शिवदशा गंगवार गांव में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ जैसी विकराल स्थिति पैदा कर दी है। गांव के कई घरों में पानी घुस चुका है, जिससे ग्रामीण बेघर हो गए हैं, वहीं खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह जलमग्न होकर नष्ट हो चुकी हैं।
गांव के किसानों ने बताया कि पशुओं के लिए हरा चारा, बाजरा, धान, चरी और गंगा किनारे की सब्जियों की फसल पूरी तरह डूब गई है। इससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
ग्रामीणों की पीड़ा
स्थानीय ग्रामीण हरिहर विश्वकर्मा, दशरथ यादव, विकास यादव, कल्लू यादव, मेवा यादव, अशोक यादव, संतोष यादव, सिरजू यादव, राजू शर्मा और दीपक कुमार ने बताया कि उनके घरों में पानी भर गया है और फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा, तो गांव की स्थिति और भयावह हो सकती है।
संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त, स्कूल जाना हुआ मुश्किल
गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला रास्ता पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। कीचड़ और पानी से भरे रास्ते पर ग्रामीणों, खासकर स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाव की व्यवस्था किए जाने की मांग की है ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवाजाही संभव हो सके।
प्रशासन ने लिया जायजा, राहत का भरोसा
शनिवार को ग्राम प्रधान किरण यादव और क्षेत्रीय लेखपाल श्यामनंद सागर ने गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी बनाए हुए है और हर संभव मदद पहुंचाई जाएगी।
रात तक गांव पूरी तरह जलमग्न हो सकता है
स्थानीय निवासी दीपक कुमार ने चिंता जताई कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो गांव रात तक चारों ओर से पानी में डूब सकता है। उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो गांव गंभीर संकट में पड़ सकता है।
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि बाढ़ राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जाए और स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि हर साल आने वाली इस आपदा से मुक्ति मिल सके।








