गाजीपुर: जनपद में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और अब यह खतरे के निशान को पार कर चुका है। इसके चलते जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लगातार बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर राहत कार्यों में जुटा हुआ है।

उपजिलाधिकारी सेवराई का स्थलीय निरीक्षण
सेवराई के उपजिलाधिकारी लोकेश कुमार ने रविवार को बाढ़ प्रभावित बिरऊपुर गांव का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के बीच जाकर हालात का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को भोजन के पैकेट वितरित किए। उपजिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, और प्रशासन द्वारा नियमित रूप से सहायता पहुंचाई जा रही है।
सड़क संपर्क टूटा, नाव ही एकमात्र सहारा
बाढ़ के कारण रेवतीपुर क्षेत्र के रामपुर, हसनपुर, वीरऊपुर और नसीरपुर गांवों का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है। संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आवागमन ठप हो गया है और इन गांवों तक पहुंचने का एकमात्र साधन अब नाव बचा है।
पांच तहसील बाढ़ से प्रभावित
जिले की सदर, सैदपुर, जमानिया, सेवराई और मोहम्मदाबाद तहसील बाढ़ की चपेट में हैं। इन तटवर्ती इलाकों में किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो चुकी हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। कई क्षेत्रों में घरों में पानी घुस चुका है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
प्रशासनिक सक्रियता
प्रशासन ने जलस्तर बढ़ने की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राहत कार्य तेज कर दिए हैं। उपजिलाधिकारी ने कहा कि टूटे हुए संपर्क मार्गों की मरम्मत, नाव की व्यवस्था, स्वास्थ्य शिविर और खाद्य सामग्री वितरण जैसे सभी कार्य प्राथमिकता पर किए जा रहे हैं।








