वाराणसी: बुधवार सुबह चिरईगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत बभनपुरा रिंगरोड पुल पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में भोपौली चौकी पर तैनात सिपाही वीर बहादुर यादव (32) की मौत हो गई, जबकि चौकी प्रभारी अमित सिंह, उनकी पत्नी रीता सिंह, चालक सोनू पाण्डेय सहित क्रेटा सवार मिथिलेश सिंह, उनकी पत्नी अन्नू सिंह और पुत्र काव्यांश गंभीर रूप से घायल हो गए।
कैसे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, चंदौली जनपद के भोपौली चौकी प्रभारी अमित सिंह अपने सिपाही वीर बहादुर यादव, पत्नी रीता सिंह और चालक सोनू पांडेय के साथ वैगनआर (UP70 HH 8632) में सवार होकर बभनपुरा रिंगरोड की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सन्दहा की ओर से तेज़ रफ्तार में आ रही क्रेटा (UP65 FN 5160) से आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। वैगनआर को सिपाही वीर बहादुर चला रहे थे।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद स्थानीय राहगीरों और ग्रामीणों ने घायलों को बाहर निकालने में मदद की।
राहत और बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही चांदपुर, चिरईगांव और जाल्हूपुर पुलिस चौकी की टीमें मौके पर पहुंचीं। सभी घायलों को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने सिपाही वीर बहादुर यादव को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज चल रहा है।
कौन थे वीर बहादुर यादव
वीर बहादुर यादव मूलतः अम्बेडकरनगर जिले के निवासी थे और लंबे समय से भोपौली चौकी पर तैनात थे। अपनी ईमानदार कार्यशैली और मिलनसार व्यवहार के कारण वे विभाग और स्थानीय लोगों में खासी लोकप्रियता रखते थे। बताया जा रहा है कि उनकी कुछ महीनों बाद शादी होने वाली थी। उनके निधन से पुलिस विभाग और परिवार में गहरा शोक व्याप्त है।
खराब पुल बना हादसे की वजह
स्थानीय ग्रामीणों ने हादसे के लिए बभनपुरा रिंगरोड पुल की खराब व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है। बताया गया कि पुल पर सिर्फ एक ही लेन चालू है, जिससे दोनों दिशा के वाहन तेज़ रफ्तार में आमने-सामने गुजरते हैं। स्पीड ब्रेकर, संकेत बोर्ड और ट्रैफिक पुलिस की अनुपस्थिति ने हादसे के खतरे को बढ़ा दिया है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर हादसे की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।











