वाराणसी: रक्षाबंधन का पर्व नजदीक है और बाजारों में राखियों की दुकानें सज चुकी हैं, लेकिन इस बार रौनक गायब है। ऑफलाइन दुकानदारों की मानें तो इस साल ग्राहक बहुत कम नजर आ रहे हैं, और इसकी सबसे बड़ी वजह है डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता चलन।
दुकानदारों की चिंता
स्थानीय दुकानदार ने बताया कि स्थानीय बाजारों में कई दुकानों पर महंगी और सस्ती, पारंपरिक और डिजाइनर राखियां भरी पड़ी हैं, लेकिन ग्राहक मुश्किल से दिख रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि पिछले पांच सालों की तुलना में इस बार काफी कम बिक्री हो रही है।”पहले रक्षाबंधन से 15-20 दिन पहले ही दुकानें गुलजार हो जाया करती थीं। अब डिजिटल मार्केटिंग के कारण लोग घर बैठे ही राखी ऑर्डर कर लेते हैं।
डिजिटल का असर
- ग्राहक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे Amazon, Flipkart और सोशल मीडिया से सीधे राखी खरीद रहे हैं।
- कम कीमत, घर बैठे सुविधा और ऑफर के कारण लोग डिजिटल विकल्प को प्राथमिकता दे रहे हैं।
- इससे स्थानीय दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दुकानदारों की अपील
दुकानदारों ने आम जनता से अपील की है कि इस रक्षाबंधन पर स्थानीय बाजारों से ही राखी खरीदें, जिससे उनकी रोज़ी-रोटी भी चल सके। “हर साल नई डिज़ाइन की राखियां लाते हैं, लेकिन जब बिक्री नहीं होती, तो अगली बार उनकी मांग भी घट जाती है।”







