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शिवपुर में रामलीला का भव्य मंचन: भरत के प्रेम और दशरथ के वियोग ने राम भक्तों को किया भावविभोर

वाराणसी: शिवपुर में आयोजित सुप्रसिद्ध रामलीला का भव्य मंचन जारी है, जिसे रामनगर की रामलीला के बाद दूसरी सबसे प्रतिष्ठित रामलीला माना जाता है। यह आयोजन सनातन धर्म की समृद्ध परंपराओं को जीवंत करता है।

गुरुवार की संध्या मंचित प्रसंग में भरत का राजपथ त्याग और श्रीराम के प्रति उनके अटूट प्रेम का चित्रण किया गया। इस मार्मिक दृश्य को देखकर राम भक्त भावुक हो उठे और कई दर्शकों की आंखें छलक आईं।

भरत का त्याग और दशरथ का वियोग
मंचन में भरत के मन में पिता राजा दशरथ के वियोग और श्रीराम के प्रति प्रेम का हृदयस्पर्शी चित्रण प्रस्तुत किया गया। भरत द्वारा राज्य संभालने से इनकार और गुरु वशिष्ठ द्वारा उन्हें समझाने का प्रसंग दर्शकों को भावविभोर कर गया।

इसके साथ ही राजा दशरथ की मृत्यु का दृश्य भी प्रस्तुत किया गया। पुत्र श्रीराम के वनवास जाने से व्यथित होकर दशरथ का प्राण त्यागना और कौशल्या तथा भरत के बीच शोकपूर्ण संवाद इतना मार्मिक था कि पूरा प्रांगण भावनाओं से सराबोर हो गया।

समिति का योगदान और मीडिया की भूमिका
श्री रामलीला सेवा समिति, शिवपुर के कोषाध्यक्ष आर.एन. सिंह ने बताया कि भरत का त्याग और भाई राम के प्रति प्रेम का यह दृश्य दर्शकों के हृदय में जीवनभर अंकित रहेगा। उन्होंने कहा कि “सनातन धर्म की इस पावन धरती पर ऐसी अद्भुत परंपरा है, जो हर दिल को छू जाती है।”

इस आयोजन को सफल बनाने में समिति के सभी पदाधिकारियों और शिवपुर के राम भक्तों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं, इस रामलीला के प्रसंगों को जन-जन तक पहुंचाने में परफेक्ट मिशन न्यूज़ पेपर के संवाददाता और समिति के वरिष्ठ मीडिया प्रभारी आनंद तिवारी, रवि प्रकाश बाजपेई रिंकू और वीरेंद्र पटेल अपनी विशेष भूमिका निभा रहे हैं।

हर दिल को छूने वाली रामलीला
शिवपुर की रामलीला अपनी जीवंत और भावपूर्ण प्रस्तुति के लिए जानी जाती है। यह न केवल सनातन धर्म की महान परंपराओं को जीवित रखती है, बल्कि भाईचारे, प्रेम और त्याग की भावना को भी जन-जन के दिलों तक पहुंचाती है।

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