बिहार भूमि सर्वे आज हम आप से बायत करने जा रहे है आपके बिहार में सर्वे काम बहुत ही ज्याद तेजी से चल रहा है आपको बता दे की क्या आपको इसक लझ्य क्या है नहीं ना चाहिए आज हम आपको बता देते है इसका उदेश्य राज्य सरकार की जितनी भी जमींन है उसके सही रिकॉर्ड को तैयार करना है और जो भी इस गलत कब्जे को हटाना है बेतिया राज जो है वो खाश करके इन सब जमीनों पर ध्यान दे रहे है ये सब जमीं कई साल से गलत कब्जे में एक हजार एकड़ की जो भी जमीन है उन सब को सरकार ली सम्पति समझ कर दर्ज दिया है. एक और कई लोग ने तो गलत तरीके से कब्ज़ा कर के रखा है अभी तक।
राजस्व के जो अध्यझ है उनके देख रेख में ये सब हो रहा है और उनका नाम केके पाठक है अब जितना भी जमीं है उन सब को अतिक्रमण से हमेसा के लिए मुक्त करने का काम सुरु करना है उनका सख्त संकेत है की किसानो को और इस काम को बहुत तेजी से पूरा करना है अब इन सब लोग की खैर नहीं जिसने भी गलत तरीके से कब्ज़ा किया था इस काम के लिए उन्होने राजस्व के विभाग से 5 अधिकारियो के लिए मांग किया है जिन्हे की वो तुरंत ही तैनात करने वाले है काम के लिए।
बेतिया राज की जमीन पर विशेष ध्यान
आप सब को जान कर बहुत हैरानी हो गा की जो बेतिया राज जी थे उनकी जो जमींन हजारो एकड़ फैली हुई है अब वो सरकार की हो गई है बिहार भूमि सर्वे में बहुत बड़ी मात्रा में भूमि पर गलत कब्ज़ा है अब उस जमीन को मुक्त करने की वोर एक प्रयास किया जा रहा है बेतिया राज की दो जगह है एक बिहार और दूसरा उत्तर प्रदेश में है इन सब में से कुछ सालो से कब्ज़ा है जिसको हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
आने वाले समय आप को बता दे की आपके बिहार आईएएस अधिकारी, केके पाठक राज्सव के अध्यझ है और उन्होंने इस काम तेजी से पूरा करने का फैसला लिया है. आपको बता दे की जमीं का सर्वे उनकी ही देख रेख में होने वाला है और इसे अतिक्रमण से मुक्ति करने की योजना पर तो काम भी करना शुरू कर दिया है जो भी उनकी जमींन है उन सब भूमि को सरकारी रिकॉर्ड मे दर्ज करना है वो भी अच्छे तरीके से आप में जिसका भी जमींन गलत कब्जा करके रखा है वो सब मुक्क्त हो जाएगा।
राजस्व पर्षद का कदम: 5 अधिकारियों की नियुक्ति
आपके बिहार अध्यझ केके पाठक ने 28 अगस्त को आपके राज्सव और भूमि के सुधर विभाग को एक पत्र लिख कर भेजा है उस पत्र में यह बात साफ़ साफ़ लिखा है की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए अधिकारियो की मांग की गई है जिससे की काम तेज हो सके और तो और इससे अच्छे तरीके से पूरा किया जा सके।
- संजीव कुमार राय (सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी)
- बद्री प्रसाद गुप्ता (सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी)
- सुबोध कुमार (सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी)
- निशिकांत (सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी)
- अमित कुमार (सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी)
सर्वेक्षण और अतिक्रमण मुक्ति की प्रक्रिया
आपके सरकार का पहला उदेश्य यह है की जितनी भी जमींन है उन सब का सही तरीके से सर्वे हो और तो और गलत कब्जे को भी हटाया जाए इन सब के लिए सबसे पहले आप सब के जमींन का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है ताकि आप सब की जमींन सुनिश्चित किया जा रहा है कौन सी जमीन किसके अंडर में है और उस पर गलत कब्ज़ा कौन किया है।
इन सब काम के बाद अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए प्रक्रिया को सुरु किया जा रहा है जिसमे की प्रासानिक और क़ानूनी कारवाही को किया जाएगा आप में से जो लोग जमींन पर गलत तरीके से कब्जा किये है तो आपके लिए एक नोल्टीके तैयार किया जाएगा और हां अगर आप समय रहते उस जमींन को खाली नहीं करते है तो आप के खिलाफ सख्त कारवाही किया जाएगा।
न्यायालय में केस और सरकारी पक्ष
बेतिया राज की जो भी जमींन है उससे जुड़े कुछ मामले आने वाले समय में अलग अलग न्यायालय में बहुत समय से पड़ा हुआ है इन सब मामलो में आप सब को अपने सरकार के सामने सही तरीके से पझ को रखना बहुत जरुरी है ताकि यह सुनिश्चित हो सके की जिसका जमींन है उसको उसका अधिकार वापस मिल जाए और गलत तरीके से जिससे की न्यायालय से कोई भी राहत नहीं मिला है आज तक
क्या है बेतिया राज?
आपको बता दे की बेतिया राज वो है जो की उन्हें किसी समय बेतिया महराज के नाम से भी जाना जाता था आपके बिहार क्र पश्चिमी चंपारण जिले में स्थित एक बड़ा भू-भाग है। यह झेत्र ऐतिहासिक रूप से कभी महराजाओं के शासन में था इनके पास हजारो एकड़ जमींन थी 1947 में जब हमारा भारत आजाद हुआ उसके बाद भूमि सरकार के अंडर में हो गया है पर इस जमींन पर कई सालो से गलत तरीके से कब्जा हो रहा था।
अब इस समय आप के सरकार अपने अंडर में करने की पूरी तैयारी कर रही है।
केके पाठक का सख्त रवैया
केके पाठक वो सकस है जो की आप के बिहार के सबसे सख्त अधिकारियो में से एक है जिन्होंने काम में तेजी लाने का फैसला लिया है उन्ही के तो देख रेख में बिहार भूमि सर्वे और तिक्रमण से मुक्त के काम में किसी तरह का कोई ढिलाई को नहीं सहन किया जाएगा यह माना जा रहा है की उनके इस सख्त बर्तवा के चलते बेतिया राज की जमीनों पर जो भी गलत तरीके से कब्जा करेगा उसकी खैर नहीं।
केके पाठक, जो कि बिहार के सबसे सख्त अधिकारियों में से एक माने जाते हैं, ने इस काम में तेजी लाने का फैसला किया है। उनके नेतृत्व में भूमि सर्वेक्षण और अतिक्रमण मुक्ति के काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह माना जा रहा है कि उनके इस सख्त रवैये के चलते बेतिया राज की जमीनों पर अवैध कब्जाधारकों की अब खैर नहीं है।








