अमेरिका ने पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमानों को अपग्रेड करने के लिए 686 मिलियन डॉलर (लगभग 5,800 करोड़ रुपये) मूल्य की आधुनिक तकनीक और सहायता बेचने की मंजूरी दे दी है।
अमेरिका की रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (DSCA) ने इस संबंध में औपचारिक पत्र अमेरिकी संसद कांग्रेस को भेजा है। नियमों के मुताबिक कांग्रेस के पास इस प्रस्तावित डील की समीक्षा और आपत्ति दर्ज करने के लिए 30 दिन का समय होगा।
ट्रंप प्रशासन के इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। भारत की सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए भेजे गए पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस अपग्रेड पैकेज का क्षेत्रीय सैन्य संतुलन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
डील के तहत पाकिस्तान के एफ-16 बेड़े को अत्याधुनिक एवियोनिक्स, अतिरिक्त तकनीकी समर्थन और रखरखाव संबंधी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। हालांकि, इस कदम पर वैश्विक स्तर पर निगाहें टिकी हुई हैं, खासकर दक्षिण एशिया के सुरक्षा परिदृश्य के संदर्भ में।









