नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरहद पर तैनात जवानों की निस्वार्थ सेवा करने वाले नन्हे सिपाही श्रवण सिंह को आज राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
ऑपरेशन के समय श्रवण सिंह रोज़ाना अपने घर से लस्सी, दूध और रोटी लेकर सीमा पर तैनात जवानों तक पहुंचता था। उसकी इस निस्वार्थ सेवा, साहस और देशभक्ति की भावना को देखते हुए केंद्र सरकार ने उसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया।
श्रवण सिंह का यह योगदान न केवल बच्चों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि देशसेवा के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती। उसकी इस पहल ने पूरे देश का दिल जीत लिया है।
सरकार और सेना के अधिकारियों ने उसके जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे बच्चे ही देश का उज्ज्वल भविष्य हैं।









