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गाज़ीपुर पुलिस लाइन में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों का विदाई समारोह

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गाज़ीपुर। पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा द्वारा पुलिस लाइन स्थित गेस्ट हाउस में सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह दिनांक 31 जनवरी 2026 को आयोजित हुआ, जिसमें पुलिस सेवा में 60 वर्ष की अधिवर्षता आयु पूर्ण करने पर पुलिस उपाधीक्षक श्री चोब सिंह एवं उपनिरीक्षक श्री हरिश्चन्द्र को सम्मानित किया गया।

समारोह के दौरान पुलिस अधीक्षक महोदय ने दोनों अधिकारियों को पुष्पमाला पहनाकर, अंगवस्त्र एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानपूर्वक विदाई दी। उन्होंने पुलिस बल में उनके योगदान की सराहना करते हुए उज्जवल भविष्य एवं स्वस्थ जीवन की कामना की तथा सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर/ग्रामीण, सभी सर्किल क्षेत्राधिकारी, प्रतिसार निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। साथ ही सेवानिवृत्त अधिकारियों के परिजन भी समारोह में शामिल हुए।

सेवा विवरण के अनुसार, पुलिस उपाधीक्षक श्री चोब सिंह ने 1 अक्टूबर 1984 को आरक्षी पद से भर्ती होकर कुल 40 वर्ष 29 दिवस की सेवा दी। वहीं उपनिरीक्षक श्री हरिश्चन्द्र ने 1 अक्टूबर 1985 को आरक्षी ना0पु0 पद से भर्ती होकर लगभग 40 वर्ष की सेवा पूर्ण की। दोनों का कार्यकाल अत्यंत सराहनीय रहा।

समारोह में पुलिस परिवार द्वारा उनके योगदान को सम्मानित करते हुए भावभीनी विदाई दी गई।

गाजीपुर रिपोर्टर : उमेश यादव

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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