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जिला महिला चिकित्सालय में प्रसव के दौरान लापरवाही से नेहा गोंड की मौत, परिजनों का प्रदर्शन; उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

बलिया। जिला महिला चिकित्सालय में प्रसव के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही से महिला की मौत का मामला सामने आने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। इस मामले में उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई गई है।

जानकारी के अनुसार 28 फरवरी 2026 को मनियर थाना क्षेत्र के पिलुई गांव निवासी शंकर गोंड की पुत्री नेहा गोंड को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उपचार के दौरान चिकित्साकर्मियों ने लापरवाही बरती और उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया।

बताया जा रहा है कि उस समय महिला चिकित्सक समय पर अस्पताल में मौजूद नहीं थीं, जिसके कारण नेहा गोंड को समय पर उचित इलाज नहीं मिल सका।मृतका के परिजनों के अनुसार नेहा गोंड प्रसव पीड़ा से करीब तीन घंटे तक तड़पती रही, लेकिन इलाज में देरी होती रही।

यदि समय रहते महिला चिकित्सक उपलब्ध हो जातीं और उचित उपचार मिलता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। इलाज में लापरवाही के चलते आखिरकार नेहा गोंड की मौत हो गई, जिससे परिवार गहरे सदमे और मानसिक आघात में है।घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने 6 मार्च 2026 को बलिया जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन किया।

इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट रामाश्रय वर्मा को सौंपा गया। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी चिकित्साकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने तथा उन्हें कठोर सजा देने की मांग की गई। इस दौरान शंकर गोंड, विशाल गोंड सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग मौजूद

संजय सिंह रिपोर्टर बलिया

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