बलिया। बांसडीह में गोंड जनजाति के छात्र-नौजवानों को जाति प्रमाण पत्र जारी कराने की मांग को लेकर आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है। भारत सरकार के शासनादेश 3 नवंबर 2021 के तहत जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन की मांग करते हुए 30 मार्च को बांसडीह तहसील पर “घेरा डालो-डेरा डालो” आंदोलन के तहत विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।

इसके सफल आयोजन के लिए 28 मार्च को ऑल गोंडवाना स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आगसा) एवं पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति द्वारा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में नुक्कड़ सभाएं आयोजित कर लोगों को जागरूक किया गया।नरला बकवा, रामपुर कला, खेवसर, रघुवरनगर, सारंगपुर, जितौरा, दाराव, कीर्तिपुर, राजपुर, शिवरामपुर, दादर, मैरीटार और बांसडीह कस्बा समेत कई स्थानों पर आयोजित सभाओं में लोगों से अधिक से अधिक संख्या में 30 मार्च को तहसील पहुंचने का आह्वान किया गया।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि शासनादेश संख्या 129/2021 के तहत स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद तहसील प्रशासन गोंड अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र जारी करने में लापरवाही बरत रहा है।
पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह ‘झुन्नू’ ने कहा कि शासनादेश के अनुसार भू-राजस्व अभिलेखों या अन्य प्रमाणों के आधार पर जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाना चाहिए, लेकिन तहसीलदार द्वारा बार-बार आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं।
इससे गोंड समाज के छात्र-नौजवान छात्रवृत्ति, शिक्षा और सरकारी नौकरियों के अवसरों से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने इसे प्रशासनिक उत्पीड़न करार दिया।नुक्कड़ सभाओं को अरविंद गोंडवाना, मनोज शाह, उमाशंकर गोंड, विनय गोंड, लल्लन गोंड, विजय शंकर गोंड, हरिकृष्ण गोंड, हरेंद्र गोंड, चंदन गोंड, गणेश गोंड और राहुल गोंड ने संबोधित किया।
30 मार्च को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तिराहा से सुबह 11 बजे जुलूस निकालकर तहसील परिसर पहुंचकर प्रदर्शन किया जाएगा।
संजय सिंह रिपोर्टिंग बलिया उत्तर–प्रदेश।








