सण्डीला। समाधान दिवस के मौके पर सण्डीला तहसील सभागार में प्रशासनिक सख्ती का साफ असर देखने को मिला। जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने अधिकारियों को कड़ी हिदायत देते हुए स्पष्ट कर दिया कि अब केवल कागजी खानापूर्ति से काम नहीं चलेगा।
समाधान दिवस की शुरुआत के साथ ही शिकायतों के अंबार के बीच डीएम ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिया कि सरकारी दफ्तरों के दरवाजे आम जनता के लिए खुले रहें। उन्होंने कहा कि गरीब और बेसहारा लोगों को चिन्हित कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जमीन कब्जों के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए डीएम ने लेखपालों और कानूनगो को निर्देश दिया कि चाहे सरकारी जमीन हो या किसी गरीब की—यदि कहीं अवैध कब्जा है तो तत्काल पुलिस बल के साथ पहुंचकर उसे खाली कराया जाए। उन्होंने भू-माफियाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि कब्जा छोड़ दें, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
वहीं एसपी अशोक कुमार मीणा ने थानाध्यक्षों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीट सिपाही और चौकीदार अपने क्षेत्र के अपराधियों और अराजक तत्वों की पूरी जानकारी रखें। शांति व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी बाहुबली को बख्शा नहीं जाएगा।
इस दौरान सीएमओ डॉ. भावनाथ पांडे, एसडीएम सण्डीला, जिला विकास अधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। फरियादियों की भारी भीड़ को देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही कई शिकायतों के निस्तारण के आदेश भी दिए।
ओमजीत यादव, उजाका संचार न्यूज








