वाराणसी। सेवापुरी स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम केंद्र एवं राज्य सरकार के निर्देश पर आयोजित हुआ, जिसमें वाराणसी जनपद के नोडल अधिकारी प्रो. सत्यनारायण वर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर हिन्दू धर्म के गौरव और आस्था का प्रतीक है, जिसने अनेक आक्रमणों के बावजूद अपने अस्तित्व को बनाए रखा। यह भारतीय संस्कृति की अदम्य शक्ति, आत्मबल और पुनर्निर्माण की भावना को दर्शाता है।प्रो. वर्मा ने कहा कि सोमनाथ का इतिहास पराजय का नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, सांस्कृतिक दृढ़ता और पुनर्जीवन का इतिहास है।
संगोष्ठी में उपस्थित वक्ताओं ने भी भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर बल दिया। कार्यक्रम में प्रो. कमलेश कुमार वर्मा, प्रो. राम कृष्ण गौतम, डॉ. कमलेश कुमार सिंह, डॉ. सौरभ सिंह, प्रिया मिश्रा, राम किंकर सिंह, रामायण विश्वकर्मा, दयाराम यादव एवं मिट्ठू राम सहित महाविद्यालय की छात्राएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन प्रो. कमलेश कुमार वर्मा एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रिया मिश्रा ने किया।






