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गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग तेज, सरकार पर बरसे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

वाराणसी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शुक्रवार को श्रीविद्यामठ में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान गौमाता की रक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यदि गौसंरक्षण के लिए भारत जितना प्रयास करता, उतना ही प्रयास पाकिस्तान में भी होता तो वहां भी गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कर दिया जाता। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि भारत में स्वयं को हिंदूवादी कहने वाली सरकारें भी गौमाता की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठा रही हैं।

शंकराचार्य ने सवाल उठाया कि आखिर गौमाता को राष्ट्रमाता एवं राज्य माता घोषित करने में सरकार को क्या कठिनाई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बहुमत का सम्मान होना चाहिए और देश का बहुसंख्यक सनातनी समाज लगातार गौरक्षा की मांग कर रहा है, लेकिन उसकी आवाज अनसुनी की जा रही है। उन्होंने सरकारों पर हिंदुओं के वोट लेकर उनके मूल्यों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सनातनी समाज अपनी राजनीति और अपने मूल्यों की रक्षा के लिए संगठित हो। इसी उद्देश्य से शंकराचार्य 3 मई से गोरखपुर से “गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा” का शुभारंभ करेंगे। यह यात्रा उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी, जहां वे लोगों को गौरक्षा और सनातन मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रेरित करेंगे।

पत्रकार वार्ता में साध्वी पूर्णांबा दीदी, साध्वी शारदांबा दीदी, महंत राजेंद्र तिवारी सहित अनेक संत, विद्वान और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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