परिषदीय विद्यालयों में संचालित ग्रीष्मकालीन शिविर 2026 के पाँचवें दिन स्थानीय लोक संस्कृति और कला को समर्पित विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध कजरी गायिका उर्मिला श्रीवास्तव के जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों पर बच्चों को विस्तार से जानकारी दी गई। शिक्षिकाओं ने बताया कि उर्मिला श्रीवास्तव ने अपनी मधुर कजरी गायकी से देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी पहचान बनाई है, जो क्षेत्र की बालिकाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने बड़ी उत्सुकता और आनंद के साथ उनकी प्रसिद्ध कजरियां गाईं तथा लोकगीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। विद्यालय परिसर लोकसंगीत की धुनों से सराबोर हो उठा। बच्चों के साथ-साथ अध्यापिकाएं भी कजरी की ताल पर झूमती नजर आईं, जिससे वातावरण पूरी तरह सांस्कृतिक रंग में रंग गया।

भीषण गर्मी और लू को ध्यान में रखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा गया। नाश्ते में आम का पना और चुरमुरा वितरित किया गया, जिससे बच्चों को गर्मी से राहत मिली। शिविर का सफल संचालन प्रभारी प्रधानाध्यापिका सुष्मिता जायसवाल, सहायक अध्यापिका सोनम मिश्रा तथा समस्त विद्यालय स्टाफ के सहयोग से संपन्न हुआ।








