गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में बकरीद के दिन हुए सूर्या हत्याकांड के बाद जिला प्रशासन अवैध निर्माणों और बिना अनुमति संचालित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर रहा है। इसी क्रम में कुशलिया रोड के पास सरकारी जमीन पर बने एक अवैध मदरसे को ध्वस्त करने की तैयारी की गई है। बताया जा रहा है कि यह मदरसा पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ा है और इसके खिलाफ पहले भी नोटिस व जुर्माने की कार्रवाई की जा चुकी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कल्लूगढ़ी क्षेत्र में स्थित यह मदरसा सरकारी भूमि पर निर्मित था। बुधवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मादंड की मौजूदगी में चार कमरों वाले इस भवन पर बुलडोजर चलाया जाएगा। किसी भी संभावित विरोध को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, गाजियाबाद में सरकारी जमीन पर बने मदरसों और कब्रिस्तानों की सूची तैयार की गई है। हाल ही में 323 वक्फ संपत्तियों का सूचीकरण निरस्त किया गया है और संबंधित पक्षों को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 5 जून तक का समय दिया गया है। इसके बाद अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान और तेज होने की संभावना है।
वहीं, सूर्या हत्याकांड के बाद पुलिस का सत्यापन अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। करीब एक हजार संदिग्धों और अपराधियों का सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही अवैध रूप से संचालित दो मदरसों के संचालकों और शिक्षकों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने आरोप लगाया है कि इन संस्थानों के पास दमकल विभाग और बिजली निगम की आवश्यक एनओसी नहीं थी। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
उधर, सूर्या हत्याकांड को लेकर राजनीतिक दलों और विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों का उसके परिवार से मिलने का सिलसिला भी जारी है।







