चन्दौली। डीडीयू नगर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) डीडीयू मंडल ने वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में यात्री सुरक्षा, सेवा और मानवीय सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रेलवे यात्रियों का विश्वास और अधिक मजबूत किया है। वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त दिनेश सिंह तोमर के नेतृत्व में आरपीएफ ने कई महत्वपूर्ण अभियानों को सफलतापूर्वक संचालित किया।

ऑपरेशन अमानत के तहत जनवरी से मई 2026 तक कुल 367 मामलों में यात्रियों के ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर छूटे मोबाइल फोन, आभूषण तथा अन्य कीमती सामान खोजकर उनके वास्तविक मालिकों को वापस किए गए। बरामद वस्तुओं का कुल मूल्य 44 लाख 87 हजार 357 रुपये रहा। इस पहल से यात्रियों के चेहरों पर मुस्कान लौटी और रेलवे के प्रति उनका भरोसा बढ़ा।
ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते के अंतर्गत आरपीएफ ने 262 नाबालिग बच्चों, जिनमें 163 लड़के और 99 लड़कियां शामिल हैं, को सुरक्षित संरक्षण प्रदान कर उनके परिजनों अथवा संबंधित बाल कल्याण एजेंसियों को सौंपा। वहीं ऑपरेशन आहट के तहत बाल तस्करी और शोषण के खिलाफ अभियान चलाकर 41 बच्चों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया तथा 13 बाल तस्करों को गिरफ्तार कर संबंधित एजेंसियों के हवाले किया गया।
मानवीय सेवा के क्षेत्र में ऑपरेशन मातृशक्ति के तहत रेल यात्रा के दौरान प्रसव पीड़ा से गुजर रही छह महिला यात्रियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराकर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कराया गया। इसके अलावा ऑपरेशन सेवा के तहत रेलवे ट्रैक, प्लेटफॉर्म और चलती ट्रेनों के निकट दुर्घटना की आशंका वाले तथा घायल 72 लोगों की जान बचाकर उन्हें चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
आरपीएफ डीडीयू मंडल ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यात्रियों की सुरक्षा, सेवा और संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता इसी प्रकार जारी रहेगी।
संजय शर्मा ब्यूरो चन्दौली।










