वाराणसी। जनपद में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया जब समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गाय को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान जीशान अंसारी ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन अपने खून से लिखकर प्रशासन को सौंपा, जिससे कार्यक्रम चर्चा का विषय बन गया।

प्रदर्शन के दौरान जीशान अंसारी ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और आस्था का केंद्र है, लेकिन वर्तमान समय में उसकी स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें केवल चुनावी समय में गाय और गो-संरक्षण की बात करती हैं, जबकि जमीनी स्तर पर गोवंश की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने मांग की कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का संवैधानिक दर्जा दिया जाए।
कार्यक्रम में मौजूद अमरेंद्र पांडेय ने भी समर्थन जताते हुए कहा कि गाय को सर्वोच्च सम्मान मिलना चाहिए और इसके संरक्षण के लिए ठोस कानून बनना जरूरी है। वहीं शुभम सेठ गोलू ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
इसके अलावा शिवेंद्र राय सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता और गो-भक्त मौजूद रहे। सभी ने नारेबाजी करते हुए ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा और इसे तत्काल प्रधानमंत्री कार्यालय भेजने की मांग की। प्रशासन की ओर से ज्ञापन को उच्च स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया गया।
कार्यक्रम संयोजक पुनीत मौर्य ने बताया कि आगे बड़े स्तर पर जनआंदोलन की तैयारी की जा रही है। मौके पर अधिवक्ता विनय त्रिपाठी, सूर्यांश पांडेय और अन्य लोग भी उपस्थित रहे। पुलिस बल की मौजूदगी के बीच पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, हालांकि माहौल में राजनीतिक और सामाजिक तनाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।









