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सरकारी आवास में निजी क्लीनिक! दुद्धी सीएचसी अधीक्षक पर नियमों की अनदेखी और मरीजों से वसूली के आरोप

दुद्धी । में सरकारी चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस से दूर रखने के लिए सरकार वेतन के अनुपात में 25 प्रतिशत नॉन प्रैक्टिस अलाउंस (एनपीए) देती है, लेकिन सोनभद्र के दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक शाह आलम पर सरकारी आवास में निजी प्रैक्टिस करने के गंभीर आरोप लगे हैं। उनका 14 मिनट 09 सेकेंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सरकारी आवास के बरामदे में मरीजों की भीड़ दिखाई दे रही है।

आरोप है कि सीएचसी अधीक्षक अस्पताल में सीमित मरीजों को देखते हैं, जबकि सरकारी आवास पर शुल्क लेकर बड़ी संख्या में मरीजों का उपचार किया जाता है। वायरल वीडियो में मरीजों को बाहर की दवाएं लिखने और चिन्हित डायग्नोस्टिक सेंटरों पर जांच कराने की बात भी सामने आने का दावा किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी आवास को बाकायदा निजी क्लीनिक का रूप दे दिया गया है। दवाओं के लिए कुछ खास मेडिकल स्टोर और जांच के लिए निर्धारित पैथोलॉजी सेंटरों का इस्तेमाल कराया जाता है। इससे कमीशनखोरी के आरोप भी उठ रहे हैं। सवाल यह है कि यदि ये आरोप सही हैं तो लंबे समय से चल रही कथित निजी प्रैक्टिस पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? मामले में उच्चाधिकारियों से जांच और कार्रवाई की मांग उठ रही है।

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