वाराणसी । ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज द्वारा स्थापित ‘गो-संसद्’ ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गौ-सेवा को लेकर जारी किए जा रहे करोड़ों रुपये के विज्ञापनों को झूठा, भ्रामक और तथ्यहीन करार दिया है। गो-संसद् ने आरोप लगाया कि सरकारी विज्ञापनों में निजी गौशालाओं और ‘गीर’ गायों की तस्वीरों का इस्तेमाल कर जनता को भ्रमित किया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग है।
गो-संसद् का आरोप है कि गौ-सेवा के नाम पर फर्जी आंकड़े प्रस्तुत किए जा रहे हैं और कई योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं। साथ ही, देशी गोवंश की नस्ल बिगाड़ने को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए।
गो-संसद् के प्रतिनिधि पं. देवेन्द्र पाण्डेय ‘गोपजी’ ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं में स्थित सरकारी गौशालाओं का वीडियो बनाकर वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा स्तर पर ‘पोल खोल अभियान’ चलाकर सरकारी दावों और जमीनी सच्चाई के बीच का अंतर उजागर किया जाएगा।
बताया गया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हाल ही में 14 हजार किलोमीटर की ‘गविष्ठि यात्रा’ पूरी की, जिसके दौरान प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं और करीब 18 लाख लोगों से सीधा संवाद किया गया। गो-संसद् ने कहा कि अब गौ-सेवा के सरकारी दावों की वास्तविकता जनता के सामने लाने का अभियान तेज किया जाएगा।











