लखनऊ । दिव्यांग महागठबंधन की प्रमुख मांगों को लेकर बुधवार को बहुखंडी भवन में शासन के अधिकारियों के साथ करीब डेढ़ घंटे तक चली वार्ता बेनतीजा रही। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के विशेष सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में सामाजिक समानता कानून बनाने, सरकारी नौकरियों में आरक्षण कोटा पूरा करने और इसे बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने, चलन क्रिया के दिव्यांगों को सभी सरकारी नौकरियों में अवसर देने तथा दिव्यांग पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह करने की मांगों पर सहमति नहीं बन सकी।
वार्ता विफल होने के बाद महागठबंधन ने 17 अगस्त के प्रस्तावित आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया। प्रदेशभर के दिव्यांगजनों से हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई है।
महासचिव वीरेंद्र कुमार ने कहा कि वर्षों से मांगों को लेकर शासन-प्रशासन से वार्ता और पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में दिव्यांग पेंशन अभी केवल ₹1,000 है, जबकि कई राज्यों में यह ₹5,000 से ₹6,000 तक है। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था में सुधार और दिव्यांगजनों के अधिकारों की गारंटी के लिए प्रभावी कानून बनाने की मांग दोहराई।









