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पुलिस ने राजातालाब में हुई हत्या से उठाया पर्दा, संपत्ति विवाद में सौतेले बेटों ने ही पिता को उतारा था मौत के घाट. ..

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वाराणसी: थाना राजातालाब क्षेत्र के कचनार प्राथमिक विद्यालय के पास गुरुवार की रात को अज्ञात व्यक्तियों ने श्यामलाल यादव पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल अवस्था में उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

बुजुर्ग की हत्या की सूचना पर पुलिस के आला अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। ACP राजातालाब के नेतृत्व में एसओजी, स्थानीय पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज कर दबिश शुरू की। जिसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल कर हत्या के आरोप में दो को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपी राजन यादव (32 वर्ष) मिर्जामुराद और दीनानाथ यादव (38 वर्ष) राजातालाब के रहने वाले हैं। पुलिस ने इन दोनों को राजातालाब पावर हाउस के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में उपयोग किया गया बेसबॉल बैट और अधजले कपड़े भी बरामद किए हैं।

पूछताछ में आरोपी दीनानाथ यादव ने बताया कि उनके सौतेले पिता श्यामलाल यादव ने अपनी संपत्ति अपने नाम कर ली थी और उसे बेचने की योजना बना रहे थे। संपत्ति विवाद और पारिवारिक मतभेद के कारण दोनों सौतेले भाइयों ने हत्या की साजिश रची। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा संख्या 0215/2024, धारा 103(1), 238(ख) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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