Search
Close this search box.

रतनसेन डिग्री कॉलेज के वरिष्ठ सहायक आचार्य डॉ. हंसराज कुशवाहा ने नेपाल में प्रस्तुत किया शोध पत्र, हुए सम्मानित

सिद्धार्थनगर: साउथ एशिया फाउन्डेशन, नेपाल एवं लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय, नेपाल द्वारा ‘शान्ति स्थापना एवं सतत विकास हेतु गौतम बुद्ध की शिक्षाएँ’ विषय पर आयोजित एक अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में रतन सेन डिग्री कॉलेज, बाँसी, सिद्धार्थनगर के वरिष्ठ सहायक आचार्य डॉ. हंसराज कुशवाहा ने “वैश्विक शान्ति एवं धारणीय विकास में बौद्ध दर्शन का योगदान” विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया।

डॉ. हंसराज कुशवाहा ने अपने व्याख्यान में तथागत बुद्ध के पंचशील, चार आर्य सत्य एवं अष्टांगिक मार्ग पर चलते हुए आन्तरिक शान्ति की अनुभूति कैसे हो एवं आन्तरिक शान्ति से विश्व शान्ति कैसे स्थापित होगी? इस पर विचार-विमर्श किया। डॉ. कुशवाहा को लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय, नेपाल के कुलपति प्रो. सुबर्णलाल वज्राचार्य एवं बौद्ध अध्ययन संकाय के संकाय अध्यक्ष प्रो. माणिक रतन शाक्य द्वारा शोध पत्र के उत्तम प्रस्तुतीकरण के लिए सम्मानित भी किया गया।

इस कार्यक्रम में साउथ एशिया फाउन्डेशन, नेपाल के महासचिव राहुल बरुआ, विश्व शान्ति विश्वविद्यालय, पुणे के प्रोफेसर प्रियंकर उपाध्याय, बंग बन्धु शेख मुजीबुर्रहमान विश्वविद्यालय, बांग्लादेश के वाइस-चांसलर प्रोफेसर दिलीप कुमार बरुआ, पूर्व राजपूत रंजीत रे, पूर्व राजपूत मंजीव सिंह पूरी, पूर्व राजपूत जयंत प्रसाद, पूर्व राजपूत पंकज सरन।

इसके साथ पूर्व कुलपति, लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय, नेपाल प्रो. त्रिरत्न मानंधर, वर्तमान कुलपति प्रोफेसर सुबर्णलाल बज्राचार्य, पर्यटन बोर्ड, नेपाल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक राज जोशी  के साथ-साथ नेपाल, भारत, बांग्लादेश इत्यादि देशों के आचार्य एवं प्रबुद्ध जन शामिल हुए।

डॉ. हंसराज कुशवाहा द्वारा नेपाल में शोध पत्र प्रस्तुत करने एवं सम्मानित होने के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संतोष कुमार सिंह, प्रो. मिथिलेश कुमार तिवारी, प्रो. अर्चना मिश्रा, प्रो. शरीफुद्दीन, डॉ. किरन देवी, डॉ. अरविन्द कुमार मौर्य, डॉ. रामबाबू पाल, डाॅ. देवेन्द्र प्रसाद यादव, डॉ. मनोज सोनकर, पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा एवं समस्त प्राध्यापकों ने बधाई दी।

रिपोर्ट- शैलेष कुमार सोनकर

Leave a Comment

और पढ़ें