मिर्जापुर: जगरनाथपुर गांव के सीआरपीएफ(CRPF) जवान की वाराणसी में रामनगर में एक सड़क हादसे में माैत हो गई थी। आसपास के लोगों ने उनकाे स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा लेकिन उनकी माैत हो चुकी थी। इसके बाद जब उनका शव सम्मान के साथ मिर्जापुर स्थित गांव पहुंचा तो हर किसी की आंखें नम हो गईं।
जवान आशुतोष वर्तमान में जबलपुर में तैनात थे और वह छुट्टी पर अपने घर आए हुए थे। वह अपने परिवार से सगाई में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे, जब यह दुखद हादसा हुआ। यह खबर जैसे ही उनके परिवार तक पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
आशुतोष की शहादत ने उनके परिवार के साथ-साथ पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। आशुतोष देश की सेवा में तत्पर रहते थे। उनका जाना पूरे गांव के लिए अपूरणीय क्षति है, क्योंकि उनका योगदान और बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
उनकी शहादत को श्रद्धांजलि देने के लिए पूरा गांव और स्थानीय लोग शोक में डूबे रहे। उनकी वीरता और बलिदान को पूरे देश ने सराहा और हम सभी को यह प्रेरणा मिली कि देश की सेवा में अपनी जान की आहुति देने वाला जवान सच्चा नायक होता है। आशुतोष चार भाईयों में दूसरे नंबर पर थे। उनकी पत्नी और सात साल का एक बेटा भी है।




