वाराणसी: पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम के तहत आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दूसरे बैच का पहला दिन व्यवस्था की कमी के कारण चर्चा में रहा। सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को खुले आसमान के नीचे मंदिर के चबूतरे पर बैठाकर प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण आयोजक बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) ने बताया कि ब्लॉक सभागार के लिए खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) से अनुरोध किया गया था। बीडीओ बीएन द्विवेदी ने बताया कि सभागार में पहले से ही एक बैठक आयोजित थी, इसलिए इसे खाली कराना संभव नहीं था।
प्रदेश सरकार द्वारा मिशन शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं के अधिकारों और उनकी प्राथमिकता को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। बावजूद इसके, महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव चिंताजनक है।
स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों की उदासीनता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में गंभीर है, तो ऐसे कार्यक्रमों के लिए उचित सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। मंदिर के चबूतरे पर खुले आसमान के नीचे प्रशिक्षण न केवल असुविधाजनक था, बल्कि यह जिम्मेदार अधिकारियों की प्राथमिकताओं पर भी सवाल खड़े करता है।
इस घटना ने महिला सशक्तिकरण की नीति और जमीनी हकीकत के बीच की खाई को उजागर किया है। महिला कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां न दोहराई जाएं और उनके लिए सम्मानजनक और उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।




