वाराणसी: यूपी कालेज स्थित मजार के पास हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए काफी संख्या में छात्र मंगलवार को जाने लगे। इसकी सूचना के बाद भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रों को रोक दिया। इस दौरान कई छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया। वहीं कुछ को पुलिस ने खदेड़ दिया। तनाव को देखते हुए कालेज परिसर के अंदर और बाहर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। पुलिस छात्रों से बातकर उन्हें समझाने का प्रयास कर रही है।
यूपी कालेज पर वक्फ बोर्ड के दावे का मामला एक बार फिर गरमा गया है। यह मुद्दा तब उठा, जब हाल ही में कालेज के स्थापना दिवस पर पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा की। वक्फ बोर्ड के मामले के बाद छात्रों में खासा आक्रोश है। छात्रों ने कालेज परिसर स्थित मजार के पास हनुमान चालीसा का पाठ करने का ऐलान कर दिया। मंगलवार को करीब 300 छात्र जुलूस निकालकर मजार की तरफ जाने लगे। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस एक्शन में आई।
अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था एस चन्नप्पा के साथ ही डीसीपी चंद्रकांत मीणा के नेतृत्व में काफी संख्या में पुलिस बल और पीएसी के जवान मौके पर पहुंचे। पुलिस ने छात्रों को मजार जाने से रोक दिया। पुलिस ने छात्र नेता प्रतीक, विवेकानंद, चंदन और कई अन्य को हिरासत में ले लिया है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने कॉलेज कैंपस से बाहर के लिए खदेड़ा।
इसके बाद छात्र शिवपुर थाने का घेराव करने निकले। डीसीपी चंद्रकांत मीणा ने बताया कि कालेज प्रशासन ने कैंपस में परीक्षा के चलते सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। इसलिए कालेज परिसर में सतर्कता बढ़ाई गई है। कहा कि छात्रों की कुछ मांगे हैं, उन्हें देखवाया जाएगा।
ये है मामला
दरअसल, सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड ने 2018 में कॉलेज प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए कॉलेज की जमीन को अपनी संपत्ति बताई थी। छात्रों ने इसका विरोध करते हुए सोमवार को वक्फ बोर्ड का पुतला फूंका। आज मंगलवार को मजार के पास हनुमान चालीसा का पाठ करने का ऐलान किया था। छात्रों का कहना है कि कॉलेज परिसर में अचानक से बढ़ी धार्मिक गतिविधियों से यहां पढ़ाई का माहौल खराब हो रहा है। हम सब इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।








