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वाराणसी: मालवीय मार्केट की दुकानों की किराया वृद्धि की नोटिस, परेशान दुकानदारों ने सहायक नगर आयुक्त से की मुलाकात

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वाराणसी: मालवीय मार्केट की दुकानों का किराया बढ़ाने के लिए नगर निगम की ओर से दुकानदारों को नोटिस भेजी गई है। इससे परेशान दुकानदारों ने सहायक नगर आयुक्त से मुलाकात की। उन्होंने अपनी समस्या बताई। सहायक नगर आयुक्त ने इसके बाबत महापौर से बात करने का भरोसा दिलाया। 

मार्केट एसोसिएशन ने बताया कि दुकानदार नोटिस के जवाब के साथ नगर निगम पहुंचे थे। उन्होंने अपने पक्ष को स्पष्ट रूप से रखा। अध्यक्ष अभिषेक केसरी ने कहा कि व्यापारी समुदाय इस मामले में न्याय की उम्मीद करता है और नगर निगम से सहयोग की अपेक्षा करता है। दुकानदारों ने अपनी दुकानों के संचालन और क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं को लेकर भी अपनी बात रखी।

सहायक नगर आयुक्त ने सभी बिंदुओं पर विचार करने का भरोसा दिलाया और व्यापारी प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि उनका पक्ष मेयर तक पहुंचाया जाएगा।

इस मौके पर मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिषेक केसरी, महामंत्री चंद्र क्वात्रा, कोषाध्यक्ष गुरजीत सिंह बग्गा, उपाध्यक्ष विनय अरोड़ा, नरेश, संजू, डॉ. रोशन समेत कई व्यापारी उपस्थित रहे।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

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