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महाकुंभ के दौरान सर्विलांस कैमरे से वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन की होगी निगरानी

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वाराणसी: प्रयागराज महाकुंभ के दौरान काशी में भी श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ेगी। ऐसे में रेलवे प्रशासन अलर्ट हो गया है। कैंट रेलवे स्टेशन की निगरानी के लिए 220 सर्विलांस कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों के जरिये आगमन व निकास द्वार के साथ ही सर्कुलेटिंग एरिया पर नजर रखी जाएगी। वहीं भीड़ और सफाई व्यवस्था की भी निगरानी होगी। 

कैंट रेलवे स्टेशन की निगरानी के लिए वर्तमान में 90 कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा महाकुंभ की भोड़ के मद्देनजर 130 कैमरे और लगाने का प्रस्ताव है। इसमें से 50 कैमरे स्टोर में हैं। उन्हें इंस्टाल करने की तैयारी कर ली गई। 80 नए कैमरे मंगाए जाएंगे। 25 दिसंबर तक स्टेशन पर हाई रिज्योल्यूशन कैमरे इंस्टाल कर लिए जाएंगे। 

स्टेशन निदेशक अर्पित गुप्ता ने बताया कि भीड़ को ध्यान में रखते हुए तैयारी की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता किया जा रहा है। वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन परिसर में जगह-जगह इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड भी लगाए जाएंगे।

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संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।

संपत्ति विवाद में हत्या, एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास गाजीपुर जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने दिलदारनगर थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने संपत्ति विवाद में युवक की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।अदालत ने ऐनुद्दीन खाँ, नौशाद खाँ, इरफान खाँ और माहेनूर निशा उर्फ मेहरून निशा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया।यह घटना 8 अप्रैल 2023 की रात की है, जब दिलदारनगर निवासी अमजद खाँ की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शहनाज अख्तर ने आरोप लगाया था कि सास की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर परिवार लगातार प्रताड़ित कर रहा था और धमकियाँ दे रहा था।अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की 60 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। न्यायाधीश ने कहा कि पारिवारिक हत्याएं समाज को शर्मसार करती हैं और ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।