लखनऊ । उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ और पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन के बीच अध्यक्ष की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई। संघ के प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि बैठक में कई मांगों पर सहमति बनी, जबकि कुछ प्रमुख मुद्दों पर निर्णय नहीं हो सका।
बैठक में विद्युत उपकेंद्रों पर ड्यूटी चार्ट चस्पा कराने, 3 दिसंबर 2024 के आदेश का पालन सुनिश्चित करने, कुशीनगर में मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान, मई 2026 में हटाए गए 44 कर्मचारियों को पुनः कार्य पर लेने, लंबित वेतन भुगतान, उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन तथा आउटसोर्स कर्मचारियों के ईपीएफ में हुई अनियमितताओं की राशि संबंधित एजेंसियों की जब्त प्रतिभूति से काटकर कर्मचारियों के खातों में जमा कराने पर सहमति बनी।
हालांकि छंटनी में हटाए गए सभी कर्मचारियों की बहाली, मानक समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, कार्य के अनुरूप अनुबंध, न्यूनतम ₹18,000 वेतन, आउटसोर्स सेवा निगम के दायरे में ऊर्जा निगमों को शामिल करने, श्रमायुक्त द्वारा निर्धारित अवकाश लागू करने तथा मीटर रीडरों को अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों के समान वेतन, ईपीएफ और ईएसआई सुविधाएं देने जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। संघ ने इन मांगों पर आगे भी संघर्ष जारी रखने की बात कही।







