बलिया । रसड़ा नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों पुराने जर्जर विद्युत तार और खंभे लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। बावजूद इसके बिजली विभाग समय पर इन्हें बदलने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है। 26 जुलाई को विद्युत उपकेंद्र जाम से जुड़े गोपालपुर गांव में एलटी तार टूटकर गिरने से ममता चौबे की मौके पर ही मौत हो गई, जिसने विभागीय लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नगर के प्यारेलाल चौराहा और मुंसफी तिराहा पर कई बिजली के खंभे झुके हुए हैं, जबकि मुख्य सड़क पर एलटी तार काफी नीचे लटक रहा है, जिससे बड़े वाहनों के संपर्क में आकर हादसे की आशंका बनी रहती है। वहीं सरायभारती, टीकादेवरी, जाम, सुलुई और मुड़ेरा उपकेंद्रों के अंतर्गत आने वाले 100 से अधिक गांवों में भी जर्जर विद्युत ढांचा लोगों के लिए खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद विभाग केवल आश्वासन देता है। समय रहते सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं।
रिपोर्टिंग बलिया संजय सिंह।








